मेरा आसमाँ मेरा कब तक रहेगा…

मेरा आसमाँ मेरा कब तक रहेगा

यहाँ सब कुछ बदलता जा रहा है

तारे जमीं पर आ रहे हैं,

आदमी चाँद पर चला जा रहा है

मेरा आसमाँ मेरा कब तक रहेगा……..

नदी की धारा मोडी गई है, मुडी नहीं

ये बादल रास्ते में रोका गया है

मेरे आसुओं को नाटक कहा गया है

 

जो पीछे था उसे आगे धकेला जा रहा है

मेरा आसमाँ मेरा कब तक रहेगा……

सूबे सिहं सुजान

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About kavisujan

hindi poet- i am write hindi ghazals,kavitatorys etc.
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