trtarhi ghazal

सूरज से धुन्ध ने कहा आकर हटा मुझे
दिन सोया सोया कहता है अब तो जगा मुझे
सारी गली का शौर मेरे घर में आ गया,
फिर मैंने शौर से कहा,चल अब डरा मुझे
मैं टूटा रास्ता था मुसाफिर दुखी हुये
सब जाने वाले कह गये कितना बुरा मुझे—सुजान
4.1.2012

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About kavisujan

hindi poet- i am write hindi ghazals,kavitatorys etc.
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