Monthly Archives: मई 2013

taza ghazal ke do sher

समन्दर देखने के बाद,दरिया भूल जाते हैं। भरोसा गैर पर करते हैं,अपना भूल जाते हैं।। गली में आपकी,हम दिल का टुकडा भूल जाते हैं, ये चेहरा देख कर हम,अपना चेहरा भूल जाते हैं।। — सूबे सिंह सुजान Advertisements

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